Typewriter को तो निगल गया computer
Typewriter को तो निगल गया कंप्यूटर
हेलो दोस्तों आज आप अमित सर के ब्लॉग्स में बहुत ही उपयोगी होने वाले टाइपराइटर मशीन को क्यों निगल गया आज के कंप्यूटर?
जी हां दोस्तों आपने बिलकुल सही सुना की आज के जमाने में कंप्यूटर के आ जाने के बाद टाइपराइटर मशीन का लगभग लगभग समाप्त ही होता जा रहा है, लेकिन कहीं कहीं आपको टाइपराइटर मशीन दिखने को मिलेगा, जैसे कोर्ट के बाहर जहां कुछ लोगों जो आज भी टाइपराइटर मशीन से जुड़ी letter ✉️ टाइप करते है, कुछ इंस्टीट्यूट में भी, आदि जगहों पर दिखने को मिलेगा। पहले किसी भी व्यक्ति को कोई भी महत्वपूर्ण दस्तावेज़ टाइप करने के लिए टाइपराइटर मशीन का ही उपयोग होता था, लेकिन जब से कंप्यूटर के आ जाने से बहुत यूजर्स महत्वपूर्ण दस्तावेज टाइप करने के लिए इसी पर आधारित हैं। कंप्यूटर में टाइपिंग के अलावा एडिटिंग, फॉर्मेटिंग, स्टोर, आदि जैसे वर्क आसानी से कर सकते है, पर टाइपराइटर मशीन में सिर्फ टाइपिंग ही कर सकते थे। इसके अलावा कंप्यूटर में गलतियां सुधारना भी आसान है, जबकि टाइपराइटर में गलती होने पर पूरी शीट को दोबारा टाइप करना पड़ता था।
इस तरह तकनीक के विकास ने टाइपराइटर को पीछे छोड़ दिया और आज के समय में कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन, AI आदि ने इसे पूरी तरह से रिप्लेस कर दिया है।
विज्ञान के बढ़ते कदम ने कंप्यूटर की दुनिया खत्म कर दी। लेकिन टाइपराइटर की खटाखट धीरे-धीरे गुमनामी की ओर बढ़ रही हैं। प्रशिक्षण देनेवाले संस्थान कभी गुलजार रहा करते थे, अब वीरानी की और बढ़ गए। न्यायालय परिसर छोड़ अब कहीं भी टाइपिंग मशीन का उपयोग नहीं किया जाता है।
लेकिन टाइपराइटर मशीन ही कंप्यूटर की जननी है। क्योंकि सारा लेसन हिंदी या अंग्रेजी सारा टाइपराइटर के लेसन पर ही आधारित है।
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